हरदोई में बड़ा भ्रष्टाचार खुलासा — माधौगंज में 70 हजार रुपये घूस लेते दरोगा रंगे हाथों गिरफ्तार
हरदोई में बड़ा भ्रष्टाचार खुलासा — माधौगंज में 70 हजार रुपये घूस लेते दरोगा रंगे हाथों गिरफ्तार
मीडिया रॉयटर्स रिपोर्ट/राजीव कुमार मिश्र
हरदोई के माधौगंज थाना क्षेत्र से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है…
जहाँ एंटी करप्शन टीम ने एक उपनिरीक्षक को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरा मामला एक पुराने रास्ते के विवाद और दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की विवेचना से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
एक पक्ष ने आरोप लगाया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय मेरे ऊपर लिखें मुक़दमे में नाम निकलवाने के नाम पर विवेचना अधिकारी की ओर से भारी-भरकम रिश्वत की मांग की जा रही है।
जैसे ही अभियुक्त रमीज ने घूस की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, टीम ने तुरंत जाल बिछाया…
और उप निरीक्षक आकाश रोसवाल को 70 हजार लेते हुए मौके पर पकड़ लिया।
टीम अब आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी में जुटी है, जबकि दूसरे विवेचक रहे उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिरोही की तलाश भी जारी है।
हरदोई के माधौगंज थाना क्षेत्र के गांव रमजानी पुरवा में महीनों पहले रास्ते को लेकर दो पक्षों में मारपीट का विवाद हुआ था।
पीड़ित रमीज पुत्र फारुख की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और विवेचना शुरू कर दी थी।
उधर, दूसरा पक्ष — मुंशी खान उम्र 70 वर्ष, ने न्यायालय की शरण लेते हुए शिकायत की थी कि घर की स्लैब डालते समय विपक्षी पक्ष ने अवैध हथियारों के दम पर घर में घुसकर बेटे, भाई और पोते पर लाठी–डंडों व धारदार हथियारों से हमला किया।
घर में तोड़फोड़ भी की गई।
गांव वालों ने बीच-बचाव कर जान बचाई।
माननीय न्यायालय ने मामले की गंभीरता देखते हुए विपक्षी पक्ष पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिरोही कर रहे थे, और रमीज से जांच के दौरान लगातार उनसे बातचीत होती रही।
जयप्रकाश सिरोही के अवकाश पर जाने के बाद मामले की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक आकाश रोसवाल को दे दी गई।
इसी दौरान अभियुक्त रमीज ने आरोप लगाए कि विवेचना को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए 70 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
रमीज ने यह रकम देने से इनकार करते हुए पूरी घटना की शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी।
टीम ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए योजना बनाई।
शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने अभियुक्त रमीज के साथ मिलकर घूस ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।
17 नवंबर, दोपहर 2:40 पर — तय की गई जगह थाना माधोगंज परिसर में बने हॉस्टल पर उपनिरीक्षक आकाश रोसवाल को पैसे लेने के लिए बुलाया गया।
रमीज वहां पहुँच गया, एंटी करप्शन टीम पहले से ही मौके पर निगरानी कर रही थी।
जैसे ही दरोगा ने 70 हजार रुपये की बंधी हुई रकम हाथ में ली —
टीम ने तुरंत घेराबंदी करके आकाश रोसवाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
यह गिरफ्तारी इतनी स्पष्ट थी कि दरोगा के पास से नोटों के बंडल भी बरामद हुए।
एंटी करप्शन टीम अब आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी कर रही है।
साथ ही, पहले इस केस के विवेचक रहे उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिरोही की तलाश भी जारी है, जिनके बारे में टीम ने पूछताछ शुरू कर दी है।
टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि रिश्वत की मांग किस स्तर तक की गई और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है, और लोग पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को कड़ी चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
एंटी करप्शन टीम का कहना है कि आगे की विधिक कार्यवाही तेजी से की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।