हाथ-पैर नहीं, फिर भी मुंह से बनाई राम मंदिर की यात्रा और गुरुदेव प्रेमानंद का चित्र
हाथ-पैर नहीं, फिर भी मुंह से बनाई राम मंदिर की यात्रा और गुरुदेव प्रेमानंद का चित्र
वृन्दावन में प्रेमानन्द महाराज ने आशीर्वाद दिया, संस्था अध्यक्ष सुहाना जैन ने बताया समाज की असली शक्ति
मीडिया रॉयटर्स रिपोर्ट/हर्षराज सिंह
हरदोई।जन्म से दोनों हाथ-पैर पूर्णतः निष्क्रिय होने के बावजूद हरदोई के दिव्यांग बालक नंदराम ने अपनी इच्छाशक्ति से जो कर दिखाया, वह हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है। नंदराम मुंह से ही स्क्रैच आर्ट बनाता है, पियानो बजाता है, मोबाइल चलाता है और पढ़ाई-लिखाई भी मुंह से करता है। हाल ही में उसने मुंह से लिखकर हाईस्कूल की परीक्षा पास की और अब कक्षा 11 में पढ़ रहा है।
वीरांगना सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान की अध्यक्ष सुहाना जैन ने वर्ष 2023 में एक उपकरण वितरण शिविर में नंदराम की प्रतिभा देखी और उसे गोद लेकर उसकी शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी ली। संस्था के संरक्षण में नंदराम को इस वर्ष अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर के दर्शन कराए गए। गुरुवार को उसकी वर्षों पुरानी इच्छा भी पूरी हुई जब वह वृन्दावन पहुँचा और पूज्य संत प्रेमानन्द महाराज से मिला। नंदराम ने मुंह से बनाया गया गुरुदेव का सुंदर चित्र उन्हें भेंट किया, जिसे देखकर वहाँ मौजूद सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
प्रेमानन्द महाराज ने नंदराम को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और कहा, “ऐसे बच्चे केवल परिवार की नहीं, पूरे समाज की शक्ति हैं। इनकी रक्षा हमारा दायित्व है।” महाराज जी ने संस्था अध्यक्ष सुहाना जैन के सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की। सुहाना जैन ने कहा, “नंदराम जैसे बच्चे साबित करते हैं कि क्षमता शरीर में नहीं, मन में होती है। संस्था उसका हर कदम पर साथ देगी ताकि उसके सपने नए मुकाम छू सकें।”
नंदराम के माता-पिता रामगोपाल और रीना के लिए भी यह पल जीवन का सबसे गर्व भरा क्षण था। नंदराम की यह यात्रा संघर्ष से सफलता तक का जीता-जागता प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती।