गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद किसानों की जमीन हुई बर्बाद, कंपनी पर कार्रवाई की मांग
गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद किसानों की जमीन हुई बर्बाद, कंपनी पर कार्रवाई की मांग
मीडिया रॉयटर्स रिपोर्ट/राजीव कुमार मिश्र
हरदोई।सवायजपुर तहसील क्षेत्र के सेमरझाला गांव स्थित भूमि में गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य के लिए एच जी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा इनायतपुर गांव के किसानों की 128 बीघा कृषि भूमि लीज पर ली गई थी और हाट मिक्स प्लांट लगाया गया था, लीज की निर्धारित अवधि समाप्त होने पर कंपनी के कर्मचारी मशीनें और अन्य सामान समेटकर चले गए। लेकिन किसानों के साथ हुए लीज एग्रीमेंट की शर्तों का पालन नहीं किया गया।
किसानों ने बताया कि कंपनी ने निर्माण कार्य के दौरान उनकी उपजाऊ जमीन पर पक्के निर्माण की नींव डाल दी और मिट्टी में भारी मात्रा में पत्थर, गिट्टी और बजरी मिला दी। इससे अब भूमि खेती योग्य नहीं रह गई है। खेत न तो समतल हैं और न ही बोआई लायक, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। इनायतपुर गांव के पीड़ित किसानों ने एकजुट होकर अपनी समस्या रखी, किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने जमीन को पूर्व स्थिति में लौटाने का वादा किया था, लेकिन काम पूरा होने पर वे बिना कोई सुधार किए ही लौट गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी जमीन को पूर्ववत कृषि योग्य बनाए जाने की मांग की। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र ही भूमि का समतलीकरण और सफाई का कार्य नहीं कराया गया, तो उनकी रबी और खरीफ दोनों फसलें प्रभावित होंगी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि समाधान न होने पर वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।