बदन पर वर्दी, कंधे पर सितारे, जुबान पर ऐसी गालियां जिसे सुन हर कोई शर्मसार हो जाए
बदन पर वर्दी, कंधे पर सितारे, जुबान पर ऐसी गालियां जिसे सुन हर कोई शर्मसार हो जाए
हरदोई में एक तरफ मंच सजता है, ‘मिशन शक्ति’ के नारे गूंजते हैं, कैमरे चमकते हैं और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान हरदोई की धरती से महिला सुरक्षा और सम्मान के बड़े-बड़े दावे करती हैं… लेकिन ठीक उसी वक्त, चंद किलोमीटर दूर हरपालपुर में खाकी अपनी मर्यादा को सरेआम रौंद रही थी।
देखिए इन तस्वीरों को ये हैं हरपालपुर के सीओ सतेंद्र सिंह बदन पर वर्दी है, कंधे पर सितारे हैं, लेकिन जुबान पर ऐसी गालियां हैं जिन्हें सभ्य समाज में दोहराना भी शर्मनाक है। जब बेबस महिलाएं अपनी जमीन और हक के लिए गुहार लगा रही थीं, तब संवेदनशीलता दिखाने के बजाय साहब ने गालियों की बौछार कर दी।
सवाल सीधा और तीखा है—
क्या वर्दी अब गुंडागर्दी का लाइसेंस बन चुकी है?
क्या सूबे की महिलाओं को गालियां देना ही आज का महिला सशक्तिकरण है? मंच पर महिला सम्मान की जुमलेबाजी और जमीन पर ये गालीबाजी—आखिर ये दोहरा चरित्र कब तक चलेगा? एक तरफ सरकार बेटियों के सम्मान में जमीन-आसमान एक करने के दावे करती है, और दूसरी तरफ ऐसे अधिकारी उसी सम्मान को पैरों तले कुचलते नजर आते हैं। ये गालियां सिर्फ उन महिलाओं के लिए नहीं थीं, बल्कि पूरे सिस्टम, कानून और उस वर्दी के मुंह पर तमाचा थीं, जिसकी कसम खाकर ये अफसर कुर्सी तक पहुंचे हैं।
अब सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, नजीर का है।
क्या योगीराज में इन बदजुबान अफसर पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों के नीचे दबाकर सिस्टम अपनी चुप्पी साबित करेगा ?